अब तक न्यूज जींद / सुनील कोहाड़
जींद जिले के नरवाना क्षेत्र के गढ़ी थाना एरिया में 22 किलो 800 ग्राम चरस सप्लाई करने के मामले में 12 साल से फरार चल रहे नशा सप्लायर को पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपित पिछले 12 सालों से बाबा बनकर प्रदेश के अन्य जिलों में घूमता रहा और नशा सप्लाई का कार्य करता रहा। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपित के खिलाफ नशा तस्करी के करीब 17 मामले दर्ज हैं और सभी मामलों में उसे भगोड़ा घोषित किया हुआ है।
डीएसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि 12 मई 2011 को गांव प्रेयर से अनिल उर्फ राजेंद्र अपने साथी गांव रेवर निवासी विक्की उर्फ गोपा और शिक्षण के साथ 22 किलो 800 ग्राम चरस सहित पकड़े गए थे। पुलिस पूछताछ में अनिल उर्फ राजेंद्र पुलिस को चकमा देकर भाग गया था इसके बाद 20 मई 2011 को 8 दिन बाद सूचना मिली थी कि आरोपित अनिल उर्फ राजेंद्र मोटरसाइकिल पर ट्रिपल तलाक की तरफ से दलोदा गांव में चरस का सैंपल दिखाने के लिए जा रहा है।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए धमतान साहिब में नाका लगा लिया और पुलिस को सामने खड़ी देख आरोपित भागने लगा तो उसे दबोच लिया गया उसकी जेब से 160 ग्राम चरस गिर गई और अनिल उर्फ राजेंद्र इस बार भी पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब हो गया। उस समय से फरार चल रहा है अनिल उर्फ राजेंद्र को पुलिस ने भगोड़ा घोषित कर दिया था जिसको पीओ स्टाफ इंचार्ज हरिकिशन की टीम ने उसे गांव धमतान से काबू करने में सफलता हासिल की है पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले 12 सालों से बाबा बनकर घूमता रहा और अलग-अलग गांव में जाकर लोगों को गुमराह कर पैसे ऐंठता रहा।
अनिल उर्फ राजेंद्र हिसार जिले के गांव लितानी का रहने वाला है और उसके खिलाफ हिसार, जींद, फतेहाबाद जिलों के अलग-अलग थानों में नशा तस्करी के करीब 17 मामले दर्ज हैं। सभी दर्ज मामलों में पुलिस ने उसे भगोड़ा घोषित किया हुआ था।
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