HAU prepared five varieties of Raya and Jowar
हिसार अब तक न्यूज / सुनील कोहाड़
हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने कहा कि चौ. चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय हिसार पराली प्रबंधन के लिए नये समाधान विकसित कर रहा है जो किसानों के लिए वरदान साबित होगी। यह बात मुख्य सचिव ने उनको अध्यक्षता में कृषि विश्वविद्यालय प्रबंधन बोर्ड की 274वीं बैठक में कहीं। बैठक में अवगत करवाया गया कि विश्वविद्यालय ने राया व ज्वर की पांच अलग-अलग किस्में तैयार की हैं। इसमें इससिक एसिड कम मात्रा को राष्ट्रीय स्तर की गया की किन हैं, जो यूपी, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान के लिए उपयुक्त है। इसके अलावा हरियाणा तयार हाइब्रिड 1513 एचजे 1514, और सीएसको 53 एफ की खेती गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, कर्नाटक और तमिलनाडु के लिए सिफारिश का की गई है।
• पराती प्रबंधन समाधान के लिए नई शोध विकसित संजीव कौशल कृषि विश्वविद्यालय प्रबंधन बोर्ड की 274 वीं बैठक आयोजित गई है। एचएयू ने ज्वार की बीमारी और इसके प्रेरक जीवाणु क्लेबसिएल वैरिका की नई खोज की है। यूएसए के प्लांट डिजीज जर्नल की अमेरिकन फाइटो पैथोलाजिकल सोसायटी ने इस नई बीमारी को स्वीकार कर मान्यता प्रदान की है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने 24 अप्रैल को 25वें दीक्षांत समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विश्वविद्यालय के 865 विद्यार्थियों जिनमें यूजी पीजी और पीएचडी छात्रों को डिग्री और 124 छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान किए।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय श्री अन्न वर्ष मनाने के लिए कई नई पहले की हैं। ऐसी ही एक पहल को लेकर फरवरी के महीने में खाद्य सुरक्षा और स्थिरता के लिए जलवायु अनुकूल कृषि पर एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में 1000 से अधिक प्रतिनिधियों व दुनिया भर से वैज्ञानिकों ने भाग लिया और सामयिक और केंद्रित शोध पत्र प्रस्तुत किए। उन्होंने बोर्ड के सदस्यों को अवगत करवाया कि कृषि विश्वविद्यालय, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के सहयोग से हिसार में 10 से 12 मार्च को प्राकृतिक खेती विषय पर हरियाणा कृषि विकास मेले का भी आयोजन किया। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग सुधीर राजपाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त और योजना विभाग अनुराग रस्तोगी के अलक अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

