Sonipat district's 10th class hbse result was 65.61%, 11th place in state
सोनीपत अब तक न्यूज, विनोद कुहाड़
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम प्रतिशत के हिसाब से सोनीपत का नंबर 11वां आता है। जिले के 65.61 प्रतिशत विद्यार्थियों ने परीक्षा उतीर्ण की है। वहीं जिले की एक बेटी वर्षा ने भी प्रदेश भर में टॉप कर जिले का मान बढ़ाया है। हालांकि एक दिन पहले ही बोर्ड ने 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी किया था, जिसमें सोनीपत जिला 18वें नंबर पर रहा था। इस लिहाज से देखा जाए तो 10वीं वाले विद्यार्थियों ने 12वीं के विद्यार्थियों की तुलना में बेहतर काम किया है। बता दें कि जिले में 10वीं कक्षा की परीक्षाओं के लिए कुल 16 हजार 187 परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचें थे। इनमें से 10 हजार 620 परीक्षार्थी ही पास हुए हैं, जबकि 5 हजार 567 परीक्षार्थी परीक्षा उतीर्ण नहीं कर पाए। इनमें से 2 हजार 389 परीक्षार्थियों की कम्पार्टमेंट आई हैं, वहीं 3 हजार 178 परीक्षार्थी फेल हुए हैं।
यहां पर भी बेटियां अव्वल
12वीं की ही तरह 10वीं के परीक्षा परिणाम में भी बेटियां छाई हुई हैं। एक ओर तो पूरे जिले का पास प्रतिशत 65.61 हैं, वहीं सिर्फ लड़कियों का पास प्रतिशत 70.67 • है। दूसरी ओर लड़कों का पास प्रतिशत 61 रहा। दूसरी ओर अर्बन एरिया का पास प्रतिशत 70.84 रहा, वहीं रूरल एरिया का 50 प्रतिशत निजी स्कूलों का परीक्षा परिणाम 72 प्रतिशत रहा. जबकि सरकारी स्कूल का 59 प्रतिशत रहा।
रोते-रोते बोली, मुझे तो यकीन नहीं हो रहा
प्रदेश भर में टॉप करने वाली वर्षा ने भावुक होते हुए कहा कि उसे तो यकीन ही नहीं हो रहा कि उसने प्रदेश में टॉप किया है। वर्षा ने बताया कि सबसे पहले टीचर ने बताया था कि प्रदेश में उसने टॉप किया है, लेकिन इसके बावजूद उसे यकीन नहीं हुआ। फिर खुद टॉपर की लिस्ट देखी तब जाकर यकीन हुआ कि टॉप किया है। वर्षा ने बताया कि उसे इतना तो पता था कि उसके मार्क्स अच्छे आएंगें, लेकिन उम्मीद नहीं थी कि टॉपर बन जाउंगी। हालांकि वर्षा की मां कहा कि उसने वर्षा को पढ़ते हुए देखा था, इसीलिए उसका मन कह रहा था कि वर्षा जरूर टॉप करेगी।
कोई भी टॉपिक कल या परसों पर ना टालें, आईपीएस बनना है सपना
वर्षा ने बताया कि उसका सपना आईपीएस बनना है। बकौल वर्षा इसीलिए उसने पढ़ाई को अपना हथियार बनाया है, ताकि पढ़-लिखकर आईपीएस बन सकूं और समाज में फैले अपराध को नष्ट कर सकूं। इस दौरान वर्षा ने अन्य विद्यार्थियों को संदेश दिया कि जितना भी पढ़ना है, उसे ध्यानपूवर्क पढ़ना है। कोई भी टॉपिक कल या परसों पर ना टालें। क्योंकि कल या परसों कभी नहीं आता । वर्षा ने बताया कि वह स्कूल की पढ़ाई के उपरांत घर पर छह से सात घंटे पढ़ाई करती थी। स्कूल में जो भी पढ़ाया जाता था, उसे घर पर जरूर रिवाइज्ड करती थी।

