Sonipat news Today Heart-wrenching incident in Sonepat, 8-year-old innocent child brutally murdered
सोनीपत अब तक न्यूज़ विनोद कुहाड़
सोनीपत के टीडीआई में रहने वाले 8 साल के मासूम बच्चे की निर्मम तरीके से हत्या करने का मामला संज्ञान में आया है। इस घटना हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। पुलिस ने मृतक बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सोनीपत के नागरिक अस्पताल में भेज दिया है और इस मामले के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस किटी में लगातार छापेमारी कर रही है।
मृतक बच्चे के पिता ने बताया कि पिछले छः महीनों से पेटीएम कंपनी में काम करता है। इसलिए उसका परिवार लखनऊ से सोनीपत के टीडीआई में रहने लगा था। अजीत ने बताया कि उसकी पत्नी का फोन आया और बताया कि उनका बेटा नहीं मिल रहा है जब वह घर पहुंचा और सीसीटीवी कैमरा चेक किया तो देखा कि 6:27 पर एक ही उसके बेटे को बेसमेंट की तरफ लेकर जा रहा है। उसने तुरंत इसकी सूचना डायल 112 पुलिस टीम को दी। मृतक के बताया कि अपहरणकर्ताओं ने चिट्ठी के माध्यम से उसे ₹600000 फिरौती की मांग की थी और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस के अलग-अलग अधिकारी उससे खानापूर्ति के नाम पर पूछताछ करते रहे। लेकिन उसके बेटे को तलाशने के लिए कोई कोशिश नहीं की अगर समय रहते उसके बेटे की तलाश करने में पुलिस जुट जाती तो उसका बेटा आज जिंदा होता है।
मृतक के पिता अजीत ने बताया कि उसके भाई को घर में एक चिट्ठी मिली जिसमें उससे ₹600000 की फिरौती मांगी गई थी और लिखा था कि पुलिस को बताओगे तो आपके बच्चे को जान से मार देंगे और आप इस वक्त थाने में बैठे हुए हो। अपहरणकर्ताओं ने चिट्ठी में लिखा था कि टीडीआई के गेट नंबर 2 पर ₹600000 ले आओ और अपने बच्चे को ले जाओ लेकिन पत्र में यह नहीं कहा था कि अगर उपाय नहीं मिले तो आपके बच्चे को जान से मार दिया जाएगा। मृतक के पिता ने बताया कि अपने बच्चों को बचाने के लिए उसने काफी कोशिश की और एटीएम में जाकर पैसे निकालने के लिए परंतु कैसे नहीं निकल पाए। जब एटीएम से पैसे नहीं निकले तो उसके सेक्टर 14 में पहुंचा और चार लाख रुपए निकाल कर अपने बच्चों को बचाने के लिए जा रहा था तो पुलिस से सूचना मिली थी उसके बेटे की हत्या कर दी गई है। मृतक के पिता ने आरोप लगाते हुए बताया कि पुलिस को बार-बार बेसमेंट को चेक करने के लिए कह रहा था। लेकिन पुलिस ने बेसमेंट चेक नहीं किया और उसके बेटे का शव 10 मिनट में एक भ्रम में ही मिला उसके बच्चे के सिर पर काफी वार किए गए थे।
आरोप है कि पुलिस ने जांच के नाम पर और स्टेटमेंट लेने के नाम पर 3 से 4 घंटे खानापूर्ति के नाम पर बर्बाद कर दिए अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो बच्चे को बचा जा सकता था। पुलिस की अलग-अलग टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगालने में लगी हुई है। कुछ सूत्रों का कहना है कि बच्चे की गला दबाकर हत्या की गई है।
इस संबंध में बहालगढ़ थाना प्रभारी ऋषि कांत ने बताया कि सोमवार की शाम को सूचना मिली थी कि एक बच्चा खेलने के लिए घर से बाहर गया था और उसका अपहरण कर लिया गया अपहरण करने का प्रसाद दर्ज कर लिया गया है इसके साथ ही बच्चे का शव घर के पास ही बेसमेंट में मिला है पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है बच्चे के माथे और सिर में चोट लगी होने के निशान मिले हैं और बच्चे के गला दबाए जाने का निशान भी पाया गया है। हत्या के सही कारणों का पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।

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