Ab Tak Nesw Hindi Neither peon nor principal and name Model School
बिना अध्यापकों के चल रहा सरकारी स्कूल
अब तक न्यूज, रानियां / राजेंद्र गावा
शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों को उच्च गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा देने के लिए मॉडल स्कूल बनाए गए हैं लेकिन इन स्कूलों में अध्यापकों सहित अन्य कर्मचारियों की कमी के कारण गरीब बच्चों के अच्छी शिक्षा के सपने साकार होते दिखाई नहीं दे रहे हैं। खंड रानियां के एकमात्र राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल रानियों में भी स्थिति कुछ ऐसी ही है। स्कूल में प्रिंसिपल, चपड़ासी सहित अनेक अध्यापकों के पद रिक्त पड़े है। जिस कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। स्कूल में कक्षा 6 से 8 तक में गणित, विज्ञान, हिन्दी, ओजी के 2-2 पद व सामाजिक विज्ञान के 4 पद रिक्त पड़े हैं। वहीं सीनियर सेकेंडरी के कक्षा 9 से 12 तक राजनीति विज्ञान, भूगोल, आजी, हिन्दी, जीव विज्ञान प्रवक्ता पद खाली पड़े हैं।
शहर वासियों का कहना है कि फीस वसूली के लिए तो यह विद्यालय माडल स्कूल है। परन्तु विभाग द्वारा वहां पर न तो प्राचार्य, ना ही अध्यापकों के पद भरे गए है और तो और चपड़ासी की नियुक्ति नहीं हुई है जब इस बारे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से बात करने की कोशिश की गई तो कोई भी संतोषजनक जबाब नहीं मिला। हालांकि दबे शब्दों में जिला कार्यालय में यह चर्चा अवश्य सुनने को मिली कि अब मुख्यमंत्री के सरसा जिले में आगमन पर इस विद्यालय में लीपापोती के लिए आन्तरिक व्यवस्था के नाम पर कुछ दिनों के लिए खण्ड के अन्य विद्यालयों से अध्यापक प्रतिनियुक्त किए जा रहे हैं। ताकि विद्यालय प्रबंधन कमेटी व अभिभावकों के रोष को दबाया जा सके।
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मुख्यमंत्री दौरा समाप्त होने के बाद यह विद्यालय पुनः अध्यापकों के रिक्त पदों से जुझता दिखेगा। वहां छात्रों की संख्या के अनुसार जरूरत पूर्णकालिक प्रिंसिपल, अध्यापकों और अन्य गैर शैक्षणिक स्टाफ की नियुक्ति अति आवश्यक है परन्तु इस ओर अभी तक शिक्षा विभाग कोई रुचि न दिखाकर रानियां विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। जिसके कारण विद्यालय प्रबंधन कमेटी और अभिभावकों में दिन प्रतिदिन रोष बढ़ता जा रहा है और उनके सब्र का बांध कभी भी टूट सकता है।

