Abtak.online Haryana Rohtak news Sunaria jail superintendent caught taking bribe, will spend nights behind bars in Bhiwani jail
रोहतक
रोहतक सुनारिया जेल में बंदी को प्रताड़ित कर रिश्वत मांगने का आरोप में सुनारिया जेल सहायक अधीक्षक जोगेंद्र सिंह और सुनारिया गांव निवासी चाय विक्रेता अनिल को विजिलेंस टीम ने एक लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया था। टीम ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया और गुहार लगाई कि इन दोनों को रोहतक की सुनारिया जेल में ना भेज कर किसी भार की जेल में भेजा जाए। तो अदालत ने विचार विमर्श करने के बाद दोनों को दीवानी की जेल में भेज दिया।
महम चौबीसी के गांव भैणी महाराजपुर निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि जनवरी 2023 में उसके बेटे जोगेंद्र और पड़ोस में रहने वाले संदीप को रेलवे पुलिस ने जीआरपी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया था। उसके बाद यह दोनों रोहतक सुनारिया जेल में बंद है। कृष्ण कुमार ने बताया कि 13 अप्रैल को उसके मोबाइल फोन पर लैंडलाइन नंबर से फोन आया जिस पर उसके गांव का पड़ोस में रहने वाला संदीप जो कि सुनारिया जेल में बंद है वह बात कर रहा था। बात करते हुए संदीप ने बताया कि जेल का सहायक अधीक्षक जोगेंद्र सिंह उनको लगातार प्रताड़ित कर रहा है पहले भी चक्की में डाल चुका है और प्रताड़ित ना करने की एवज में एक लाख रुपए रिश्वत की डिमांड कर रहा है। इसके लिए उसने जेल सहायक अधीक्षक का मोबाइल नंबर उसे दे दिया।
कृष्ण कुमार ने बताया कि उस नंबर पर फोन किया तो जब कॉल रिसीव नहीं हुई और कुछ समय बाद व्हाट्सएप पर उसी नंबर से कॉल आई। जेल सहायक अधीक्षक ने कहा कि अगर तुम्हारे भाई और बेटे को कोई परेशानी ना हो तो इसके लिए तुम्हें एक लाख रुपए देने होंगे। जब उन दोनों के बीच है पैसे देने को लेकर सहमति बन गई तो जेल सहायक अधीक्षक ने कहा कि यह रुपए खुद नहीं लेगा। बल्कि गांव सुनारिया निवासी अनिल को देने होंगे। जोकि चाय की दुकान चलाता है। कृष्ण कुमार ने इसकी शिकायत बिजनेस में कर दी।
विजिलेंस की टीम ने एक टीम का गठन किया और ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कर जेल सहायक अधीक्षक और कोई देने के लिए कृष्ण को अनिल के पास भेज दिया जैसे ही कृष्ण ने अनिल को कैसे दिए तो बिजनेस टीम ने उसे दबोच लिया और उसके तुरंत बाद जेल सहायक अधीक्षक जोगेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को दोनों को रोहतक की अदालत में पेश किया गया जहां पर विजिलेंस की टीम ने अदालत को बताया कि पिछले साडे 3 साल से जोगेंद्र सिंह जेल सहायक अधीक्षक के तौर पर रोहतक सुनारिया जेल में तैनात हैं और अनिल भी जेल के पास ही चाय की दुकान चलाता है। ऐसे में इन दोनों के यहां पर काफी जेल का अहसास नहीं होगा । इसलिए इन्हें रोहतक सुनारिया जेल की बजाए दूसरे जिले की जेल में भेजा जाए। इस पर अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भिवानी जेल भेज दिया।
डीएसपी सुमित ने बताया कि अनिल कुमार ने सुनारिया जेल के नजदीक सड़क किनारे चाय की दुकान खोली है। इसके साथ ही ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करता है। इसी दौरान जेल उप अधीक्षक जोगेंद्र सिंह व अनिल की बातचीत होने लगी। विश्वास होने पर जेल अधिकारी ने दुकानदार के माध्यम से एक लाख की रिश्वत ली।

