बैंक सर्वर डाउन होने की बात कहकर उनको वापस भेज देता था कैशियर रामबीर , नए बैंक मैनेजर ने ज्वाइन करते किया मामले का भंडाफोड़
अब तक न्यूज, कैथल, सुनील
हरियाणा के कैथल जिले के गांव नोच में स्थित पंजाब नेशनल बैंक में बैंक कर्मचारी द्वारा वक्ताओं के साथ धोखाधड़ी करने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी भनक जैसे ही ग्रामीणों को लगी तो ग्रामीणों का हुजूम बैंक के बाहर जमा हो गया। देर शाम तक ग्रामीणों की भीड़ बैंक के सामने जमा रही तो बैंक कर्मचारी बैंक से बाहर नहीं निकल पाए। इसकी सूचना पुलिस को दी। मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बैंक कर्मचारियों को बाहर निकाला।
सोमवार की दोपहर बाद कैथल जिले के गांव नोच में बैंक कर्मचारी द्वारा बैंक उपभोक्ताओं के साथ ठगी करने का मामला संज्ञान में आया तो लोगों की भीड़ के बाहर जमा हो गई और प्रदर्शन करने लगे। कैथल पुलिस ने आरोपित बैंक कर्मचारी रामबीर के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू। लेकिन बैंक कर्मचारी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक में इतने बड़े पैमाने पर ठंडी करना अकेले बैंक कर्मचारी का काम नहीं है बल्कि इस काम में बैंक के अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं। बात को लेकर देर शाम ग्रामीण भड़क गए और बैंक के बाहर इकट्ठा हो गए।
ग्रामीणों क्रॉस को देखते हुए बैंक कर्मचारियों की सांसे आफत में आ गई। मोटे होने के बावजूद भी बैंक कर्मचारी ग्रामीणों में रोष को देखते हुए बैंक से बाहर नहीं निकल पा रहे थे और वह अपने घरों को जाने को बेताब थे। बैंक कर्मचारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर कर्मचारियों को बाहर निकाला।
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपित बैंक कर्मचारी रामबीर हर रोज यह कह कर जमा पूंजी को हड़प लेता था कि बैंक का सर्वर डाउन है और बैंक में पैसे नहीं आए। हर रोज उपभोक्ताओं को cas9 और बैंक का सर्वर डाउन होने की बात कहकर उनको बरगलाया जा रहा था। बैंक का सर्वर 1 दिन बंद हो सकता है हर रोज बंद होना यह संभव नहीं है। ऐसे में इस फ्रॉड के मामले में बैंक के अन्य कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं इसकी गहनता से जांच नहीं होगी तब तक ग्रामीण शांत बैठने वाले नहीं है। इतना मिलते ही डीएसपी विवेक चौधरी मौके पर पहुंचे।
ऋषि ने बताया कि कैशियर ने उनके साथ 23 लाख 20 हजार का फ्रॉड किया है। वह पहले भी रुपये निकलवाने आया था, लेकिन उसे रुपये नहीं होने की बात कही गई। सोमवार को फिर अपने खाते से रुपये निकलवाने आया तो उसे दोपहर में दोबारा आने की बात कही गई। घर गया तो उसके पास फोन आया कि कैशियर रुपये लेकर फरार हो गया है। आरोप है कि कैशियर सभी उपभोक्ताओं के करीब चार से पांच करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया है। उपभोक्ता ने मांग की कि उन सभी के रुपये वापस दिलाए जाएं और मामले की जांच कर इस मामले में शामिल सभी बैंक कर्मचारियों को पकड़ा जाए।
सोमवार को धर्मपाल ने बैंक के प्रबंधक के रूप में कार्यभार संभालते ही मामला उजागर कर दिया। दोपहर तक ग्रामीणों को पता चला कि बैंक में तैनात कैशियर रामबीर उनके खून पसीने की कमाई को लेकर भाग गया है। यह बात पूरे गांव सहित आसपास के गांव में आपकी तरफ फैल गई और बैंक के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने बैंक मैनेजर धर्मपाल की शिकायत पर कैशियर रामबीर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
इस संबंध में एलडीएम सुरेंद्र नंदा ने बताया कि मामले की जांच करवाकर सभी उपभोक्ताओं के रुपये वापस करवाए जाएंगे। बैंक की ओर से इस संबंध में पुलिस को शिकायत दे दी गई है। पुलिस जांच करेगी और आरोपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेगी। वहीं बैंक की तरफ से भी आरोपित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्योड़क चौकी प्रभारी दयानंद ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कैशियर रामबीर लोगों के साथ फ्रॉड करके भाग गया है। आरोपी जनकपुरी कॉलोनी का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
डीएसपी विवेक चौधरी ने बताया कि जैसे ही मामला पुलिस के संज्ञान में आया तो पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। आरोपित बैंक कर्मचारी फरार है और उसका मोबाइल फोन भी बंद मिल रहा है उसको पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इस मामले में कौन कौन बैंक कर्मचारी शामिल है इसके लिए बैंक कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इस मामले में दोषी पाए जाने वाले बैंक कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

