सिरसा (सी एम ग्रोवर -प्रैसवार्ता)
संसदीय क्षेत्र सिरसा सहित सभी नौ विधानसभा क्षेत्र सिरसा, फतेहाबाद, रतिया, टोहाना, नरवाना, ऐलनाबाद, रानियां, डबवाली, कालांवाली में भाजपा ने अगले वर्ष होने वाले लोकसभा तथा विधानसभा चुनाव को लेकर अपने प्रत्याशियों की चयन प्रक्रिया शुरू कर दी है। वर्तमान में हरियाणा में भाजपा जजपा गठबंधनीय सरकार है और इस संसदीय क्षेत्र से भाजपा, जजपा, कांग्रेस के दो-दो, इनैलो, हलोपा तथा एक निर्दलीय विधायक हैं। इस क्षेत्र के जिला सिरसा की पांच विधानसभा क्षेत्रों में एक पर भी भाजपा जजपा का विधायक नहीं है, जबकि फतेहाबाद जिले में दो भाजपा तथा एक जजपाई विधायक हैं। इसी संसदीय क्षेत्र से संबंधित जींद जिले के नरवाना विधानसभा क्षेत्र से जजपा के विधायक हैं।
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी सुनीता दुग्गल को सभी विधानसभा क्षेत्रों से बढ़त हासिल हुई थी, जबकि मात्र 6 मांस बाद हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा दो विधानसभा क्षेत्र रतिया तथा फतेहाबाद तक ही सिमट कर रह गई थी। सरकार में भाजपा की सहयोगी जजपा को नरवाना तथा टोहाना से जीत मिली थी। टोहाना से विजयी जजपा विधायक देवेंद्र बबली सरकार में पंचायत मंत्री पर सुशोभित है, जबकि नरवाना से विजयी जजपा विधायक रामनिवास का भाजपाई प्रेम जगजाहिर है। भाजपा जजपा मिलकर चुनाव लड़ेंगे या नहीं,यह तो आने वाला समय ही बताएगा, परंतु दोनों दल चुनावी तैयारी में जुटे हुए हैं।
लोकसभा चुनाव के लिए इस संसदीय क्षेत्र से मौजूदा भाजपा महिला सांसद सुनीता दुग्गल मजबूत स्थिति में देखी जा रही है। टिकट वितरण प्रक्रिया में यदि सही टिकट का आबंटन न हुआ, तो राजनीतिक समीकरण बदल भी सकते हैं। सुनीता दुग्गल का शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण आंचल में मजबूत नेटवर्क दिखाई दे रहा है। भाजपा हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर मौजूदा मुख्यमंत्री की सिफारिश पर भाजपा द्वारा टिकट आबंटन किया जाता है, तो नरवाना से कृष्ण बेदी, टोहाना से दवेंद्र बबली को भगवा कवच पहना कर , रतिया से प्रौ रविन्द्र बलियाला, फतेहाबाद से सुभाष बराला, डबवाली से आदित्य देवीलाल, ऐलनाबाद या रानियां से गोबिंद कांडा, सिरसा से हलोपा विधायक गोपाल कांडा पर चुनावी दांव खेल सकती है, ऐसी राजनीतिक गलियारों में चर्चा है। चर्चा तो यह भी है कि भाजपा के खुफिया सर्वे में इस संसदीय क्षेत्र के दोनों भाजपा विधायक पुनः विजयी परचम फहराने में सफल होते नजर नहीं आ रहे, इसलिए इनकी जगह नये चेहरे चुनावी मैदान में उतारे जा सकते है।
भाजपा का शीर्ष नेतृत्व की नजर नरवाना, रतिया, टोहाना तथा फतेहाबाद पर बनी हुई है, जहां टिकट से वंचित भाजपाई दिग्गजों की बगावत भाजपा के स्वप्नों पर "ग्रहण ' लगा सकती है। "हैट्रिक "की तैयारी में जुटी भाजपा ने मुख्यमंत्री कार्यालय के आधार दर्जन चेहरों को चुनावी समर में उतारने की भी योजना बनाई है। भाजपा ग्रामीण आंचल में सरपंचों के बगावती तेवरों को देखते हुए ऐसे चेहरों पर फोकस बना सकती है,जो ग्रामीण आंचल में मजबूत पकड़ रखते हों। भाजपा के एक दिग्गज के अनुसार यदि टिकट वितरण सही न हुआ तो वर्ष 2019 के चुनाव की तरह भाजपा का विधायक आंकड़ा पहले से भी कम हो सकता है। भाजपाई शीर्ष नेतृत्व गंभीरता से मंथन कर रहा है कि टिकट वितरण प्रक्रिया में कोई चूक न रह जाए।
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