sub inspector of jind police caught red handed taking bribe
jind news Today / साहिल भनवाला
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जींद पुलिस के इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जब आरोपित सब इंस्पेक्टर के हाथ धुलवाए तो उसके हाथ लाल हो गए। टीम ने आरोपित सब इंस्पेक्टर के पास से रिश्वत में 10 हजार रुपए की राशि बरामद कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पास्को एक्ट के तहत जुलाना थाने में खड़ी बाइक को छोड़ने की एवज में सब इंस्पेक्टर भूत की डिमांड कर रहा था।
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को दी शिकायत में गांव पाजू कलां निवासी मलखान ने बताया कि उसको एक्ट के तहत जुलाना थाना पुलिस ने बाइक को अपने कब्जे में लिया था और वह बाइक जुलाना थाने में खड़ी हुई है। बाइक को छोड़ने की एवज में जुलाना थाना में तैनात सब इंस्पेक्टर महेश 20 हजार रुपए रिश्वत के रूप में मांग रहा है। मलखान ने बताया कि सब इंस्पेक्टर को रिश्वत के रूप में 10 हजार रुपए पहले दे चुका है और अब भी वह बाकी बचे रुपयों की डिमांड कर कह रहा है कि जब तक बाकी बचे रुपए नहीं देगा तब तक उसकी बाइक को नहीं छोड़ेगा।
मलखान की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन विभाग की टीम ने 500-500 के 20 नोटों पर राजपत्रित अधिकारी ड्यूटी मजिस्ट्रेट डॉक्टर राजेश बूरा के हस्ताक्षर करवा कर मलखान को सब इंस्पेक्टर महेश को देने के लिए दे दिए। मलखान ने जब सब इंस्पेक्टर महेश से संपर्क करें बाकी रुपए देने की बात कही तो सब इंस्पेक्टर में उसे कोर्ट के बाहर नर्सरी के पास बुला लिया। जैसे ही मलखान ने सब इंस्पेक्टर महेश को रिश्वत के रुपए दिए और एंटी करप्शन विभाग की टीम को इशारा किया तो टीम ने तुरंत ही सब इंस्पेक्टर महेश को दबोच लिया। एंटी करप्शन विभाग की टीम ने सब इंस्पेक्टर महेश के पास से रिश्वत में लिए गए रुपए बरामद किए और जब उसके हाथ धुलवाए गए तो उसके हाथ लाल हो गए।
इस संबंध में एंटी करप्शन ब्यूरो इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने बताया कि मलखान ने शिकायत दी थी कि सब इंस्पेक्टर उसे रिसोर्ट की डिमांड कर रहा है। सब इंस्पेक्टर द्वारा थाने में खड़ी बाइक को छोड़ने के एवज में रिश्वत ली गई । रिश्वत लेने के मामले में सम्मेलन स्पष्ट को गिरफ्तार कर लिया गया। उससे पूछताछ की जा रही है।
मलखान की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन विभाग के निरीक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया जिसमें एसआई अनिल कुमार एसआई बलजीत अवतार कृष्ण संजय सिपाही पंकज सोनू और कुलदीप को शामिल किया था। जबकि ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में राजपत्रित अधिकारी डॉ राजेश बोरा को नियुक्त किया गया।


