Haryana news Once again irresponsible attitude of Chief Minister towards employees
मुख्यमंत्री के इंतजार के बाद हमसा हुई अब मुखर
अब तक न्यूज करनाल, 04 मई :
प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल का कर्मियों की मांगों के प्रति कभी अडिय़ल तो कभी गैर जिम्मेदाराना रवैया नजर आता रहता है। जिससे मजबूर कर्मचारियों को सडक़ों पर उतरकर सरकार के खिलाफ रोष जताना पड़ता है तथा उसके बाद गुस्साएं कर्मचारियों को शांत करवाने के लिए उनकी मांग सुनने की बजाए लाठी व वॉटर कैनन के जोर से उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जाता है। जिसको लेकर आज प्रदेश के कर्मचारी सडक़ों पर है। मुख्यमंत्री का ऐसा ही गैर जिम्मेदार रवैया एक बार फिर देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को बातचीत के लिए तो बुलाया, लेकिन स्वयं वार्ता बैठक में नहीं पहुंचे, जिसके बाद अब कर्मियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है तथा वे एक बार फिर से प्रदेश स्तरीय आंदोलन की चेतावनी दे रहे है।
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मीटिंग के लिए प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर सीएम स्वयं नहीं पहुंचे, कर्मचारियों में रोष
हरियाणा मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन संबंद्ध सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल को करनाल बुलाकर सीएम के ना आने पर हमसा मुखर हो गई है। उन्होंने फैसला लिया है कि वे 9 मई को सरकार द्वारा जारी मीटिंग के पत्र की प्रतियां फूंकेंगे। गौरतलब है कि एसोसिएशन सातवें वेतन आयोग में लिपिक, स्टैनो टाईपिस्ट का वेतन 35400, सहायक, आंकड़ा सहायक, स्टैनोग्राफर 44900, उपाधीक्षक 47600, अधीक्षक 56100 लागू करवाने की मांग को लेकर गत 30 अप्रैल को सीएम आवास का घेराव करने जा रही थी, तभी उन्हे चार मई को मिलने का समय फिर बाद में 3 मई को मिलने का समय दिया था। लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी सीएम बैठक में नहीं आए। जिससे कर्मियों में भारी रोष है तथा रोष स्वरूप हमसा ने 9 मई को सभी दफ्तरों में पत्र की प्रतियां फंूकेंने का फैसला लिया है।
9 मई को सरकार की मीटिंग के लिए दिए गए पत्र की प्रतियां फूंकने का लिया फैसला : सिहाग
इस बारे में जानकारी देते हुए हमसा प्रांतीय प्रधान हितेंद्र सिहाग, महासचिव जगमेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी वेतनमान बढ़ोत्तरी की वाजिब मांग है, जिसके लिए कर्मी काफी लंबे समय से संघर्षरत्त है तथा उनके आंदोलन को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से चार मई को मुलाकात का समय दिया था। उसके बाद अचानक तीन मई की शाम का समय मुख्यमंत्री के साथ वार्ता का स्थान करनाल में रखा गया, जिसके बाद कर्मियों के प्रतिनिधिमंडल में कर्मचारी नेता हितेंद्र सिहाग, जगमेंद्र सिंह, मुकेश खरब, अमित बूरा, प्रवीण कुमार, सतबीर स्वामी, सुशील गुज्जर संदीप सांगवान तीन मई को करनाल रेस्टहाऊस में इंतजाकर करते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री ने एक बार फिर से गैरजिम्मेवार रवैया दिखाते हुए कर्मचारियों से मुलाकात करना तक उचित नहीं समझा। जिससे गुस्साई कोर कमेटी ने फैसला लिया कि वे 9 मई को सभी विभागों में कार्यरत्त मिनिस्ट्रीयल स्टाफ कर्मी मुख्यमंत्री के मिलने के फैसले के पत्र की प्रतियां फूंककर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
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