Rohtak news Haryana Demonstration of weapons on social media can lead to jail
■ सोशल मीडिया पर फोटो अपलोड करने पर जुर्माने का भी प्रावधान
अब न्यूज रोहतक
सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन भारी पड़ सकता है। पुलिस की निगाहें ऐसे लोगों पर हैं जो हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें अपलोड कर रहे हैं। आईटी एक्ट के तहत तीन साल तक जेल की हवा खा सकते हैं। अच्छा तो यही होगा कि सोशल मीडिया से ऐसी तस्वीरें हटा लें नहीं तो पुलिस कभी भी आपके दरवाजे पर दस्तक दे सकती है।
इंस्टाग्राम, फेसबुक, वाट्सएप और ट्विटर जैसी सोशल साइट्स पर रुतबा दिखाने के लिए हथियारों के साथ फोटो टैग करना अब भारी पड़ेगा। ऐसे लोगों पर जिले की पुलिस ने नजरें टिका दी हैं। हथियारों का प्रदर्शन करने वालों की सूची तैयार करने के बाद पुलिस मुकदमा दर्ज कराएगी। इसके साथ शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होगी। सोशल नेटवर्क साइट्स पर इन दिनों हथियारों के साथ अपनी फोटो टैग करने का चलन सा हो गया है। कई लोग तो कई असलहों के साथ अपनी फोटो अपने फेसबुक पेज पर टैग कर रहे हैं। समूह में हथियारों का प्रदर्शन करते हुए फोटो दिखाना भी आम बात हो गई है।
शौक या दबंगई
फेसबुक पर सर्च करने पर कई ऐसे दबंग मिल जाएंगे जो एक दो नहीं बल्कि हथियारों के जखीरे के साथ बड़े शान से तस्वीर खिंचवा कर अपलोड कर रखे हैं। इन्हीं फोटो पर मिले लाइक्स व कमेंट को लेकर सीना फुलाकर आसपास के इलाकों में धौंस जमाते हैं। सोशल मीडिया पर कई लोग इनके प्रभाव में आकर इनसे जुड़ने लगते हैं जो धीरे-धीरे गैंग के रूप में ले जाते हैं। सार्वजनिक तौर पर हथियारों का प्रदर्शन करना प्रतिबंधित है। शिकायत होने पर ऐसे फेसबुकियों को तीन साल तक जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ सकता है और भारी-भरकम जुर्माना भी अदा करना पड़ सकता है। हथियारों भले ही लाइसेंसी हो लेकिन उसका सार्वजनिक प्रदर्शन पूरी तरह से गैर कानूनी है। ऐसा करना हथियारों लाइसेंस जारी करने के लिए तय शर्तों के उल्लंघन एवं हथियारों के दुरुपयोग की परिधि में आता है।
सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करते हुए फोटो लगाना गैरकानूनी है। ऐसा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने का काम किया जाएगा। साथ ही, संबंधित जिले के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर ऐसे लोगों का लाइसेंस निरस्त कराने की कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश कुमार आर्य, आईजी, रोहतक रेंज
दस साल की हो सकती है सजा
सोशल मीडिया पूरी तरह से सार्वजनिक मंच है। लिहाजा वहां हथियारों के साथ फोटो टैग करना सार्वजनिक प्रदर्शन के दायरे में आता है। ऐसा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का प्रावधान है। इसमें आरोपित को तीन साल से दस साल तक की जेल हो सकती है। लाइसेंस निरस्त करने का भी निर्देश है।

