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दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे wrestlers protest latest news today के धरने को समर्थन देने वाली मिर्चपुर स्थित भगत सिंह कुश्ती एकेडमी व हिसार जिले के कुश्ती संघ के सचिव सहित अन्य दो जिलों के सचिवों पर हरियाणा कुश्ती संघ ने कड़ा संज्ञान लेते हुए इन्हें निलंबित कर दिया गया है। शहीद भगत सिंह कुश्ती एकेडमी के निलंबन को लेकर आसपास के एरिया में सरकार के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। क्योंकि इस एकेडमी के पहलवान अनेकों मैडल जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें। इस एकेडमी में हरियाणा सहित आसपास के एरिया के युवा कुश्ती के गुर सीखने के लिए आते हैं। जबकि अखाड़ा डेवलेपमेंट एसोसिएशन हरियाणा ने इस आदेश को मानने से इन्कार कर दिया है।
हरियाणा कुश्ती संघ अध्यक्ष रोहतास नांदल ने दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे पहलवानों के धरने को लेकर आदेश जारी कर हिसार जिला कुश्ती संघ सचिव संजय मलिक, मेवात जिला कुश्ती संघ सचिव जयभगवान और झज्जर जिला कुश्ती संघ सचिव आर्य वीरेंद्र दलाल को निलंबित कर दिया। इन तीनों पर धरने पर बैठे खिलाड़ियों को समर्थन देने का हवाला देते हुए इन्हें निलंबित किया गया है।
कुश्ती संघ हिसार के सचिव संजय मलिक से इस बारे में बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि प्रधान को अकेले इस तरह का फैसला लेने का कोई अधिकार नहीं है इस तरह का फैसला लेने के लिए पूरी कमेटी की मीटिंग बुलाई जाती है। मीटिंग में जो भी आरोप साबित होता है तो उसके आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाती है। अब तक वह पहलवनों के धरने पर नहीं गए हैं। उसके बावजूद भी उनको निलंबित किया गया है इससे साबित होता है कि प्रधान तानाशाही रवैया अपनाए हुए।
झज्जर कुश्ती संघ के सचिव वीरेंद्र ने बताया कि खिलाड़ी अपना भविष्य बताने के लिए अपने ऊपर हुए अत्याचार को लेकर आखिरी हद तक अपना मुंह नहीं खोलते। लेकिन जब पानी सर से ऊपर से गुजर जाता है तो वह न्याय के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। बृजभूषण में जबसे कुश्ती महासंघ का प्रधान पद हासिल किया है तब से वह खिलाड़ियों पर लगातार अत्याचार कर रहे हैं और तानाशाही दिखाते रहे हैं। महिला पहलवानों रविवार की बातें पहले भी सामने आई है। भविष्य बचाने के चक्कर में वे बोल नहीं पाई।
गांव मिर्चपुर स्थित शहीद भगत सिंह कुश्ती एकेडमी के संचालक अजय पहलवान ने बताया कि हरियाणा कुश्ती संघ के पास किसी एकेडमी को निलंबित करने का कोई अधिकार नहीं है। हरियाणा कुश्ती संघ का काम खिलाड़ियों का चयन करना और खेलों का आयोजन करना होता है। हरियाणा में जो भी कुश्ती एकेडमी चल रही है वह सभी अखाड़ा डेवलपमेंट एसोसिएशन हरियाणा के नेतृत्व में चल रही हैं। कुश्ती संघ के प्रधान रोहतास नांदल इस तरह का पत्र जारी करके उन पर किसी तरह का दबाव नहीं बना सकते। इस तरह का फैसला लेने का अधिकार केवल अखाड़ा डेवलपमेंट एसोसिएशन हरियाणा के पास है। वह जो भी आदेश मांगेंगे वो अखाड़ा डेवलपमेंट एसोसिएशन हरियाणा का होना चाहिए।
हरियाणा कुश्ती संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहतास नांदल ने बताया कि शहीद भगत सिंह कुश्ती एकेडमी मिर्चपुर का संचालक दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे धरने पर अपने एकेडमी में प्रैक्टिस कर रहे खिलाड़ियों को लेकर पहुंचे थे। इसको लेकर कार्रवाई की गई है उन्होंने सभी जिला इकाइयों को आदेश दे दिए हैं कि खिलाड़ियों को किसी भी प्रकार की गतिविधियों में शामिल ना करें। इससे खिलाड़ियों का भविष्य खराब होता है उनके पास सांई नर्सरी भी चल रही हैं।

